लॉकडाउन के बीच शिक्षकों की पहल, गरीब-बेसहारा लोगों को दिया एक दिन का वेतन

Spread the love

भोपाल
देशव्यापी महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण देशभर में लॉकडाउन (Lockdown) है, जिसके चलते स्कूल बंद हैं और परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश में शिक्षकों ने एक अनोखी पहल की है. उन्होंने एक महीने का वेतन गरीब और बेसहारा लोगों को देने का फैसला किया है. प्रदेश भर का हर शिक्षक ऐसे लोगों की सहायता के लिए एक दिन का वेतन देने जा रहा है जो रोजाना कमा कर खाते हैं. इन लोगों के लिए शिक्षक एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे.

प्रदेश भर में दो लाख 84 हजार से ज्यादा शिक्षक हैं जो कोरोना वायरस से लॉकडाउन के समय लोगों की मदद के लिए आगे आये हैं. शिक्षकों के एक दिन के वेतन देने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है. वहीं, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और सज्जन सिंह वर्मा ने भी एक महीने का वेतन देने की पहल की है.

इससे पहले बुधवार को कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा की. मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सूबे के तमाम आलाअधिकारियों से संवाद किया. वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के दौरान सभी जिलों के कलेक्‍टर और पुलिस अधीक्षक भी मौजूद थे. इसी दौरान, मुख्‍यमंत्री ने सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दो माह का एडवांस भुगतान करने की बात कही है. साथ ही, मजदूरों को प्रति मजदूर 1000 रुपए की सहायता देने का ऐलान भी किया है. जनजातियों परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि देने की बात भी कही गई है. मुख्‍यमंत्री के बताया कि मध्यान्ह भोजन के लिये 65 लाख 91 हजार और विद्यार्थियों के खाते में 156 करोड़ की राशि दी गई है.

शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश के 46 लाख पेंशनर्स को 600 रु. प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा योजना अंतर्गत रुपए 275 करोड़ प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है. सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा अवस्था पेंशन निराश्रित पेंशन इत्यादि का दो माह का एडवांस भुगतान किया जायेगा. संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत मजदूरों को लगभग 8.25 लाख रूपये की सहायता प्रति मजदूर 1000 रुपए के हिसाब से उपलब्ध करायी जायेगी. इसी प्रकार 2.20 लाख राशि सहरिया, बैगा, भारिया जनजातियों के परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि दो हजार रुपए भेजी जाएगी.