September 21, 2021

शादी से जुड़े इन 5 अंधविश्वासों के बारे में जानते हैं आप?

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इस बात में कोई दोराय नहीं कि जगह के अनुसार न केवल बोलचाल की भाषा-कपड़े पहनने का तरीका बदल जाता है बल्कि शादी में निभाए जाने वाली रस्में भी पूरी तरह से अलग हो जाती हैं। हालांकि, शादियों का पैटर्न कैसा भी हो, लेकिन भारतीय समाज में विवाह को हमेशा ही महत्वपूर्ण माना गया है।

शादी वाले घर में एक तरफ जहां नव विवाहित जोड़े के लिए मंगल कामनाएं की जाती हैं। वहीं इस दौरान मन में ऐसे कई अंधविश्वास भी जन्म ले लेते हैं, जिनका आज के समय से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, हम ऐसा बिल्कुल नहीं कह रहे हैं कि शादी से जुड़ी इन बातों का कोई मोल नहीं है। लेकिन मॉडर्न जमाने में ऐसी बातों पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल लगता है। (फोटोज-Istock)

मेहंदी है रचने वाली

अक्सर आपने शादियों में सुना होगा कि दुल्हन की मेहंदी जितनी गहरी होगी, उसका पति उसे उतना ही प्यार करेंगा। हालांकि, बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि मेहंदी डार्क हो या लाइट या फिर मीडियम पति का प्यार हमेशा ही 100% रहना चाहिए। मेहंदी के रंग से पति-पत्नी के रिश्ते की गहराई को नहीं आंका जा सकता है।
कपल की बॉन्डिंग उनके बीच का प्यार यहां तक कि उनकी पसंद-नापसंद पूरी तरह से उनके बेहतरीन तालमेल पर निर्भर करती है, जिसका अंदाजा शादी से पहले नामुमकिन है। हां, अगर आप लव मैरिज कर रहे हैं, तो हो सकता है कि आप अपने पार्टनर की कुछ आदतों को पहले से जानते हों। शादी के लिए लड़के को 'हां' करने से पहले खुद से पूछें यह जरूरी सवाल

तुम्हारी शादी जल्दी होगी

हर पंजाबी शादी में चूड़ा सेरेमनी के बाद कलीरे की रस्म होती है। इस दौरान दुल्हन अपनी चूडियों में कलीरे बांधती है, जोकि उसकी प्रिय सहेलियों या बहनों द्वारा बांधा जाता है। दुल्हन की चूडियों में जब कलीरे बांध दिए जाते हैं, तब वह अपने हाथों को अपनी अविवाहित सहेलियों या बहनों के सिर पर झटकती है।
ऐसे में कलीरा जिसके सिर पर भी गिरता है, शादी का अगला नंबर उसी का होता है। यही नहीं, ईसाई धर्म की शादियों में गुलदस्ता उछालने की रस्म की जाती है। हालांकि, इन दोनों ही रस्मों में प्यार-हंसी और खुशी का भाव देखने को मिलता है, लेकिन इस बात पर विश्वास करना अजीब है कि एक कलीरे या गुलदस्ते से इस बात का अनुमान लगा जा सके कि अब उसी की शादी का नंबर है।

बुझना नहीं चाहिए दीपक

शादी में आयोजित हो रहे पूजा-पाठ के कार्यक्रमों में आपने ज्यादातर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि किसी भी कीमत पर दीपक बुझना नहीं चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि दीपक का बुझना हमेशा से ही एक नेगेटिव वाइब देता है, जिसकी वजह से ज्यादातर लोगो के मन में किसी अनहोनी का भय सताने लगता है।
हालांकि, सदियों पुरानी इस सोच को हम गलत नहीं ठहरा रहे हैं लेकिन ध्यान देने वाली बात यह भी है कि दीपक किसी कारणवश भी बुझ सकता है। ऐसे में उसे किसी अनहोनी का नाम देना या इस बात को लेकर डरने लगना गलत होगा।

बुरी नजर से बचने के लिए काला टीका

भारत के कुछ इलाकों में दूल्हा-दुल्हन को शादी से ठीक कुछ दिन पहले लोहा पहनाया जाता है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की बुरी नजर न लगें। जबकि कुछ इलाकों में काला टीका लगाना शुभ माना जाता है। हालांकि, काला टीका हमेशा ही दुल्हन के आकर्षण को बढ़ाता है लेकिन इससे बुरी नजर से कैसे बचा जाए, यह थोड़ा हमारी भी समझ से परे है।

हम मानते हैं कि अधिक सुंदर दुल्हन को देखकर ज्यादातर लोग उसके रंग-रूप पर चर्चा करते हैं लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि एक काला टीका उसके लिए रक्षा का कवच बन जाएगा। पार्टनर नहीं करता है आपकी परवाह, कहीं आपके बैंक बैलेंस में तो नहीं दिलचस्पी

दुल्हन दायां पैर पहले रखें

दुल्हन जब पहली बार ससुराल में प्रवेश करती है, तो ऐसा कहा जाता है कि घर की दहलीज को पार करते वक्त वह अपना दायां पैर अंदर करें, क्योंकि यह उसकी शादीशुदा जिंदगी के लिए शुभ होता है। ऐसे में अगर आपने गलती से बाएं पैर पहले रख दिया तो इसे अपशगुन माना जाता है। हालांकि, समझने वाली बात यहां यह है कि दाएं पैर में ऐसा क्या है? जो बाएं पैर में नहीं हैं।

पति-पत्नी का रिश्ता एकदम बेहतर है, तो वहां शुभ-अशुभ चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हां, जिस जगह पति-पत्नी में नहीं बनती है, वहां ऐसी चीजों को शुभ-अशुभ से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, इन सभी चीजों के पीछे कोई लॉजिक हो सकता है। लेकिन सोशल मीडिया के इस जमाने में ऐसी चीजें हंसी-मजाक की बातें महसूस होती हैं।