September 21, 2021

पौधारोपण की देखभाल समाज की जिम्मेदारी : राज्यपाल पटेल

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भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पौधारोपण की देखभाल समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के संकट ने हमें बताया है कि ऑक्सीजन हमारे जीवन के लिए कितनी जरुरी है। पेड़ होंगे तो ऑक्सीजन होगी। राज्यपाल पटेल आज जिले के ग्राम पिपरियाकलाँ के विकास कार्यों का अवलोकन कर, ग्रामीणों के साथ संवाद कर रहे थे। पटेल ने ग्राम प्रवास के दौरान शासकीय माध्यमिक शाला पिपरियाकलाँ में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उन्होंने गाँव में ही आदिवासी श्रीमती ताराबाई कासदे के निवास पर भोजन किया। विधायक सिवनीमालवा प्रेम शंकर वर्मा ने भी उनके साथ भोजन किया। राज्यपाल पटेल ने परिवारजनों के भोजन की सराहना करते हुए उन्हें उपहार स्वरूप भी फल भेंट किये।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वनवासी भाईयों को वन अधिकार के पट्टे दे कर सरकार ने जल, जंगल और जमीन पर उनके अधिकार का संरक्षण किया है। आदिवासी भाईयों की आत्म-निर्भरता के लिए राज्य सरकार प्रभावी कार्य कर रही है। प्रदेश के 17 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संकलन करने वाले परिवारों को करीब 1180 करोड़ से अधिक रुपये की मजदूरी और बोनस देना और वनोपजों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था सरकार की प्रतिबद्धता को बताते है। उन्होंने पिपरियाकलाँ के ग्रामीणों के स्नेह के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि हमारे देश की आत्मा गाँवों में बसती है। देश के विकास में गाँवों की बहुत महती भूमिका है। सरकार लगातार गाँवों की उन्नति के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राही अन्य पात्र लोगों को भी प्रेरित करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि बच्चों की शिक्षा, बड़े बुजुर्गों की देखभाल तथा जरुरतमंदों की मदद के लिए सरकार बहुत सारी योजनाएँ चला रही है। इनका लाभ पात्र लोगों को दिलाने के कामों में युवा वर्ग आगे आएं। "सबका साथ- सबका विकास" और सबका विश्वास ही उन्नति का मंत्र है।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा और सरल तरीका है। मैं चाहूँगा कि गाँव के बच्चों को आँगनवाड़ी और स्कूलों में योग का अभ्यास और व्यक्तिगत स्वच्छता के कार्य नियमित रूप से कराए जायें। सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों और पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। सरकार द्वारा लगातार गाँवों की उन्नति के प्रयास किए जा रहे हैं। ये पूरी तरह सफल होंगे, जब समाज उसमें आगे बढ़कर सहयोग करे। उन्होंने ग्राम पिपरियाकलाँ में विकास कार्यों और मनरेगा के तहत 5 लाख 69 हजार रुपए की लागत से बनाए गए तालाब का अवलोकन किया। हितग्राही कृषक बलदेव सिंह एवं सुमेर सिंह कासदे से रूबरू चर्चा भी की। राज्यपाल को कृषकों ने बताया कि तालाब उनके खेतों में सिंचाई के लिए बहुत उपयोगी साबित हुआ है। तालाब से 12 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। पटेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही जयराम शेर सिंह और सुखराम शेरसिंह के मकानों का भी अवलोकन किया। उनके साथ चर्चा की।

राज्यपाल ने बुजुर्गों का किया सम्मान और बच्चों को दिए उपहार

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गाँव में बुजुर्गों को शाल प्रदान कर सम्मानित किया। ग्राम के जिन बुजुर्गों का सम्मान किया गया उनमें श्रीमती सुमित्रा बाई, मनीराम, तोगा एवं सुखदेव शामिल थे। राज्यपाल ने गाँव के 12 स्कूली छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग भी प्रदान किए। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल पटेल भोपाल से अपने साथ स्कूल बैग और शाल लेकर आए थे।

कल्याणकारी योजनाओं के दिए स्वीकृति-पत्र

राज्यपाल पटेल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम के 4 महिला समूहों शुभम स्व- सहायता समूह और लक्ष्मी स्व-सहायता समूह को 75-75 हजार, जीवन ज्योति स्व-सहायता समूह को 11 हजार रूपए तथा गंगा स्व-सहायता समूह को 12 हजार रुपए की राशि के स्वीकृति-पत्र भेंट किए। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजनांतर्गत कु. वंशिका बरखाने, कु ज्योति कमलेश एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत आकांक्षा दामड़े, गीता बरखाने, वर्षा तिवारी और श्रीमती सोमती कासदे को हितलाभ के स्वीकृति-पत्र प्रदान किए।

राज्यपाल के ग्राम भ्रमण के दौरान कलेक्टर धनंजय सिंह, पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सरियाम अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि गण भी उपस्थित थे।