जल संसाधन मंत्री सिलावट ने विभाग में शुरू की बिजली बचाओ अभियान की शुरुआत

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भोपाल

जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आज भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर दिन में जलते बल्ब को बुझाकर बिजली बचाने के अभियान की शुरूआत की। इसके साथ ही निवास कार्यालय के सभी कार्य करने वालो को बिजली की यथा-संभव बचत करने की बात कही। इसके साथ ही जल-संसाधन, मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास विभाग के अधिकारियो से सभी कार्यालयों में बिजली बचाए जाने की अपील की।  

मंत्री सिलावट ने  सभी लोगो से कहा कि दिन में बिजली का इस्तेमाल न करें, ताकि गाँवों और गरीबों को सस्ती बिजली की सप्लाई जारी रहे। बिजली बिल में कमी आये और पर्यावरण को लाभ पहुँचे। सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया भी प्रदेशवासियों से बिजली बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपील कर चुके हैं।

बिजली संरक्षण के लिए सभी कार्यालयों में शुरू की गई मुहिम

जल-संसाधन मंत्री ने कहा कि इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए आगे भी प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मुहिम को इंदौर, उजैन और सांवेर की जनता को जोड़ते हुए पूरे प्रदेशवासियों के बीच लेकर जाएंगे। मंत्री सिलावट ने कहा कि इसके लिए सभी कार्यालयों में ऊर्जा संरक्षण के लिए जरूरी पोस्टर लगाने और पैंपलेट वितरित किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि  ऊर्जा साक्षरता आज के लिए जरूरी है। बिजली बचाएं इससे सब्सिडी का भार कम किया जा सकेगा।  बिजली की बचत ही बिजली का उत्पादन है, इसलिए बिजली संभलकर खर्च करें।

प्राकृतिक रोशनी और हवा में काम करने के निर्देश

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा कि जल-संसाधन और मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के मुखिया होने के नाते उन्होंने दोनों विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बिजली का अनावश्यक इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के कार्यालयों में बेवजह बिजली जलती पाए जाने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक प्राकृतिक रोशनी में काम करने को कहा गया है। उन्होंने बिजली की माँग को कम करने के लिए अधिक से अधिक सोलर पैनल का इस्तेमाल करने की बात कही। इससे बिजली का बिल कम करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण को भी लाभ पहुँचेगा। इस दौरान मंत्री सिलावट ने जल संरक्षण व स्वच्छता पर भी जोर देने की बात कही।