पाक में ‘मार्शल लॉ’, निशाने पर जनरल मुनीर,फवाद चौधरी अरेस्‍ट

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इस्‍लामाबाद
 कर्ज के संकट में घिरे पाकिस्‍तान में बुधवार तड़के जोरदार सियासी ड्रामा देखने को मिला। पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक बार फिर से देशभर में प्रदर्शन और रैली निकालने के ऐलान के बाद उनके खिलाफ जोरदार पुलिसिया ऐक्‍शन शुरू हो गया है। इमरान खान के करीबी फवाद चौधरी को अरेस्‍ट कर लिया गया है और अब कहा जा रहा है कि पीटीआई के शीर्ष नेता को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। इमरान खान के खिलाफ इस जोरदार ऐक्‍शन के बाद पाकिस्‍तान के नए आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर निशाने पर आ गए हैं। पाकिस्‍तान में इमरान खान समर्थक ट्वीट करके इसे मार्शल लॉ बता रहे हैं।

 
इस बीच फवाद चौधरी को लाहौर की एक अदालत ने राजद्रोह के आरोप में जेल भेज दिया है। फवाद चौधरी पर संवैधानिक संस्‍थानों के खिलाफ हिंसा को भड़काने के आरोप में चुनाव आयोग ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इससे पहले फवाद चौधरी ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान को गिरफ्तार करने की सरकार की कथित योजना के खिलाफ उसकी सार्वजनिक निंदा की थी। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी फवाद के खिलाफ पाकिस्तान के चुनाव आयोग के सचिव की शिकायत पर कोहसर थाने में मामला दर्ज किया गया और इसके बाद लाहौर स्थित उनके आवास से उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

इमरान खान होंगे गिरफ्तार, अटकलें तेज

पीटीआई नेता फर्रुख हबीब ने ट्वीट किया, ‘यह आयातित सरकार पागल हो गयी है।’ पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कुछ वीडियो भी डाले गये जिनमें पुलिस की गाड़ियां दिखाई दे रही हैं और पार्टी ने दावा किया कि पुलिस चौधरी को गिरफ्तार कर ले जा रही है। चौधरी (52) को इन अटकलों के बीच गिरफ्तार किया गया है कि सरकार पीटीआई के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार कर सकती है। इन अटकलों के बाद खान के लाहौर स्थित जमान पार्क आवास पर फवाद समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता रात में ही जमा हो गये थे।

चौधरी की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है जहां इमरान खान के नेतृत्व में विपक्ष मध्यावधि चुनाव कराने की मांग कर रहा है। पाकिस्तान में आम चुनाव अगस्त में होने हैं। हालांकि, खान आकस्मिक चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। फवाद के भाई फैसल चौधरी के हवाले से डॉन अखबार ने लिखा, ‘उन्हें सुबह 5:30 बजे चार कारों के काफिले में उनके घर के बाहर से ले जाया गया। इन गाड़ियों पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी।’ उन्होंने कहा कि परिवार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इस समय फवाद को कहां रखा गया है। फैसल ने कहा, ‘हमें उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही।’

चुनाव आयोग को फवाद ने दी थी धमकी

प्राथमिकी में कहा गया है कि फवाद ने खान के आवास के बाहर एक भाषण में चुनाव आयोग को धमकी दी और कहा, ‘जो लोग (पंजाब में) कार्यवाहक सरकार में शामिल होते हैं, उनका पीछा तब तक नहीं छोड़ा जाएगा जब तक उन्हें सजा नहीं मिल जाती।’ बाद में इस्लामाबाद पुलिस ने ट्वीट किया कि फवाद ने एक संवैधानिक संस्था के खिलाफ हिंसा भड़काने और जनता की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि कानून के हिसाब से मामला चलेगा।